Court Marriage New Rules UCC 2026 – जानिए Uniform Civil Code के तहत कोर्ट मैरिज में क्या बदलेगा

Table of Contents

  • UCC 2026 क्या है? – Court Marriage पर नए नियम
  • UCC के तहत Court Marriage में प्रमुख बदलाव
  • Special Marriage Act vs UCC – मुख्य अंतर
  • UCC New Rules के तहत Eligibility Criteria
  • UCC Court Marriage के लिए आवश्यक Documents
  • UCC Court Marriage Process Step by Step
  • UCC के तहत Marriage Registration क्यों अनिवार्य है?
  • UCC Court Marriage Fees और Timeline
  • UCC में विवाह आयु – लड़कियों की उम्र 21 वर्ष?
  • UCC के तहत तलाक और गुजारा भत्ता – नए प्रावधान
  • UCC Court Marriage से जुड़े सामान्य प्रश्न – FAQs
  • निष्कर्ष और संपर्क जानकारी

UCC 2026 क्या है? – Court Marriage पर नए नियम

Uniform Civil Code (UCC) 2026 भारत के कानूनी इतिहास में एक बड़ा कदम है। इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, गोद लेना और भरण-पोषण से संबंधित कानूनों को एक समान बनाना है। अभी तक देश में विभिन्न धर्मों के अपने-अपने पर्सनल लॉ हैं — जैसे हिंदू मैरिज एक्ट, मुस्लिम पर्सनल लॉ, क्रिश्चियन मैरिज एक्ट आदि। UCC लागू होने के बाद ये सभी अलग-अलग कानून एक ही संहिता में समाहित हो जाएंगे। Court Marriage पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा क्योंकि अभी कोर्ट मैरिज Special Marriage Act, 1954 के तहत होती है। UCC के नए नियमों के तहत कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया और दस्तावेजों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे।

कानूनी संदर्भ: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 44 में कहा गया है कि राज्य सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक संहिता लागू करने का प्रयास करेगा। UCC 2026 इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उत्तराखंड पहला राज्य है जहां UCC लागू किया गया है। अन्य राज्यों में भी इसे लागू करने की प्रक्रिया चल रही है।

UCC के तहत Court Marriage में प्रमुख बदलाव

UCC लागू होने के बाद कोर्ट मैरिज में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। इनमें से कुछ प्रमुख बदलाव निम्नलिखित हैं:

  • एक समान विवाह आयु: UCC में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का प्रस्ताव है। इससे लड़के और लड़कियों दोनों की शादी की उम्र 21 वर्ष हो जाएगी।
  • अनिवार्य विवाह पंजीकरण: UCC के तहत सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होगा, चाहे विवाह किसी भी धार्मिक रीति से हुआ हो।
  • ऑनलाइन प्रक्रिया: विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने का प्रावधान है। इससे भ्रष्टाचार और देरी कम होगी।
  • समान तलाक कानून: UCC में सभी धर्मों के लिए तलाक के आधार और प्रक्रिया एक समान होंगे।
  • संपत्ति में समान अधिकार: पति-पत्नी और बच्चों को संपत्ति में समान अधिकार मिलेंगे।
  • विरासत में समान हिस्सा: बेटा और बेटी को उत्तराधिकार में बराबर का अधिकार होगा।

Special Marriage Act vs UCC – मुख्य अंतर

वर्तमान में कोर्ट मैरिज Special Marriage Act, 1954 के तहत होती है। UCC लागू होने के बाद इनमें कुछ अंतर देखने को मिलेंगे। नीचे तालिका में मुख्य अंतर दिए गए हैं:

आधार Special Marriage Act (वर्तमान) UCC 2026 (नए नियम)
लड़की की विवाह आयु 18 वर्ष 21 वर्ष (प्रस्तावित)
पंजीकरण कोर्ट मैरिज के लिए अनिवार्य सभी विवाहों के लिए अनिवार्य
आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन/ऑनलाइन मिश्रित पूर्णतः डिजिटल
तलाक के आधार धारा 27 के तहत सभी धर्मों के लिए समान आधार
संपत्ति में अधिकार पर्सनल लॉ पर निर्भर समान अधिकार

UCC New Rules के तहत Eligibility Criteria

UCC 2026 के तहत कोर्ट मैरिज के लिए पात्रता शर्तें निम्नलिखित होंगी:

  • आयु: वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और वधू की न्यूनतम आयु 21 वर्ष (प्रस्तावित) होगी।
  • मानसिक स्थिति: दोनों पक्ष मानसिक रूप से स्वस्थ हों और वैध सहमति दे सकें।
  • अविवाहित स्थिति: किसी भी पक्ष का पहले से कोई जीवित पति या पत्नी नहीं होना चाहिए।
  • निषिद्ध संबंध: दोनों पक्ष आपस में निषिद्ध संबंध की डिग्री में नहीं आने चाहिए।
  • निवास प्रमाण: कम से कम एक पक्ष को विवाह से पहले जिले में 30 दिनों से निवास करना आवश्यक होगा।
  • स्वैच्छिक सहमति: विवाह दोनों की स्वतंत्र सहमति से होना चाहिए।

UCC Court Marriage के लिए आवश्यक Documents

UCC के तहत कोर्ट मैरिज के लिए आवश्यक दस्तावेज लगभग Special Marriage Act जैसे ही होंगे, लेकिन डिजिटल सत्यापन को अधिक महत्व दिया जाएगा।

दस्तावेज का प्रकार स्वीकार्य प्रमाण किसके लिए अनिवार्य
पहचान प्रमाण आधार कार्ड, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस वर और वधू दोनों
पता प्रमाण आधार कार्ड, बिजली/पानी का बिल, रेंट एग्रीमेंट वर और वधू दोनों
आयु प्रमाण जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, पासपोर्ट वर और वधू दोनों
पासपोर्ट साइज फोटो हाल की 6-6 रंगीन फोटो वर और वधू दोनों
गवाहों के दस्तावेज आधार कार्ड/वोटर आईडी और 2-2 फोटो 3 गवाह
वैवाहिक स्थिति शपथ पत्र नोटरी द्वारा अटेस्टेड एफिडेविट वर और वधू दोनों
तलाक डिक्री (यदि लागू) कोर्ट से प्रमाणित प्रति तलाकशुदा आवेदक
मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि लागू) नगर निगम द्वारा जारी विधुर/विधवा

UCC Court Marriage Process Step by Step

UCC लागू होने के बाद कोर्ट मैरिज की प्रक्रिया और सरल हो जाएगी। संभावित प्रक्रिया निम्नलिखित होगी:

  1. ऑनलाइन आवेदन: UCC पोर्टल पर दोनों पक्ष अपना विवरण और दस्तावेज अपलोड करेंगे।
  2. दस्तावेज सत्यापन: डिजिटल माध्यम से दस्तावेजों की जांच होगी।
  3. नोटिस अवधि: 30 दिन की नोटिस अवधि या UCC में प्रस्तावित कम अवधि।
  4. आपत्तियों की जांच: Marriage Officer आपत्तियों की जांच करेगा।
  5. विवाह संपन्न: वर-वधू और गवाह Marriage Officer के सामने उपस्थित होंगे।
  6. Marriage Certificate: तुरंत डिजिटल सर्टिफिकेट जारी होगा।

UCC के तहत Marriage Registration क्यों अनिवार्य है?

UCC 2026 के तहत विवाह पंजीकरण अनिवार्य होगा। इसका मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित है:

  • विवाह का कानूनी प्रमाण प्राप्त करना।
  • पति-पत्नी और बच्चों के अधिकारों की रक्षा करना।
  • संपत्ति और उत्तराधिकार में स्पष्टता लाना।
  • बाल विवाह और बहुविवाह पर रोक लगाना।
  • सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में सहायता।

UCC Court Marriage Fees और Timeline

UCC के तहत कोर्ट मैरिज की फीस किफायती रहेगी। संभावित शुल्क और समय सीमा नीचे दी गई है:

मद अनुमानित राशि/समय
सरकारी फीस ₹500 – ₹1,500
कुल समय 30 दिन (नोटिस अवधि) + रजिस्ट्रेशन
डिजिटल प्रक्रिया ऑनलाइन आवेदन से समय कम हो सकता है

UCC में विवाह आयु – लड़कियों की उम्र 21 वर्ष?

UCC 2026 का सबसे चर्चित प्रावधान लड़कियों की शादी की उम्र 21 वर्ष करना है। वर्तमान में लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष है। UCC में इसे 21 वर्ष करने से लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा। हालांकि, यह प्रावधान अभी प्रस्तावित है और सभी राज्यों में लागू होने में समय लग सकता है। इस बदलाव से कोर्ट मैरिज की पात्रता शर्तों में भी बदलाव आएगा।

UCC के तहत तलाक और गुजारा भत्ता – नए प्रावधान

UCC 2026 केवल विवाह तक सीमित नहीं है। इसमें तलाक और गुजारा भत्ता के भी समान प्रावधान होंगे:

  • सभी धर्मों के लिए तलाक के एक समान आधार होंगे।
  • गुजारा भत्ता की राशि निर्धारित करने के लिए समान मानदंड होंगे।
  • बच्चों की कस्टडी का फैसला बच्चे के सर्वोत्तम हित में होगा।
  • पत्नी और पति दोनों गुजारा भत्ता मांग सकते हैं।

UCC Court Marriage से जुड़े सामान्य प्रश्न – FAQs

1. क्या UCC 2026 पूरे भारत में लागू हो गया है?

अभी तक उत्तराखंड में UCC लागू हुआ है। अन्य राज्यों में इसे लागू करने की प्रक्रिया जारी है।

2. UCC के तहत कोर्ट मैरिज में कितना समय लगेगा?

30 दिन की नोटिस अवधि प्रस्तावित है, लेकिन डिजिटल प्रक्रिया से समय कम हो सकता है।

3. क्या UCC में लड़कियों की शादी की उम्र 21 वर्ष होगी?

हां, UCC में लड़कियों की विवाह आयु 21 वर्ष करने का प्रस्ताव है।

4. क्या UCC के तहत सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य होगा?

हां, UCC में सभी विवाहों का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

5. क्या UCC लागू होने के बाद Special Marriage Act खत्म हो जाएगा?

संभव है कि Special Marriage Act के प्रावधान UCC में समाहित हो जाएं।

6. क्या UCC के तहत अंतरजातीय विवाह की अनुमति है?

हां, UCC सभी धर्मों और जातियों के बीच विवाह की अनुमति देगा।

7. UCC कोर्ट मैरिज के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी होंगे?

पहचान, पता, आयु प्रमाण, फोटो, गवाहों के दस्तावेज और वैवाहिक स्थिति शपथ पत्र जरूरी होंगे।

8. क्या UCC में गुजारा भत्ता के नियम बदल जाएंगे?

हां, UCC में सभी धर्मों के लिए गुजारा भत्ता के समान नियम होंगे।

निष्कर्ष और संपर्क जानकारी

UCC 2026 भारत में विवाह और पारिवारिक कानूनों में एक क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है। कोर्ट मैरिज करने की योजना बना रहे जोड़ों के लिए यह जरूरी है कि वे UCC के नए नियमों को समझें और सही कानूनी मार्गदर्शन लें। यदि आप जयपुर में कोर्ट मैरिज कराना चाहते हैं या UCC से जुड़ी कोई जानकारी चाहते हैं, तो Jaipur Legal Solution आपकी सहायता के लिए तैयार है। हमारी अनुभवी टीम आपको दस्तावेज तैयार करने से लेकर सर्टिफिकेट प्राप्त करने तक पूर्ण सहायता देती है।

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