Child Custody – Jaipur Legal Solution

तलाक या अलगाव (Separation) के बाद सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय होता है — Child Custody यानी बच्चे की देखभाल और पालन-पोषण का अधिकार।
कोर्ट का उद्देश्य हमेशा यही रहता है कि बच्चे का भविष्य सुरक्षित रहे और उसका पालन-पोषण सही वातावरण में हो।

Jaipur Legal Solution (📍96, Agra Road, Prem Nagar, Jaipur, Rajasthan – 302031) में हमारे अनुभवी Family & Divorce Lawyers Child Custody मामलों में संवेदनशील और कानूनी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ताकि माता-पिता और बच्चे दोनों के अधिकार सुरक्षित रहें।

What is Child Custody?

Child Custody का अर्थ है — तलाक या अलगाव के बाद बच्चे की देखभाल, शिक्षा, स्वास्थ्य और परवरिश की जिम्मेदारी किसके पास होगी, यह तय करना।

कोर्ट हमेशा बच्चे के best interest को ध्यान में रखकर Custody तय करती है, न कि केवल माता-पिता के बीच के विवाद को देखकर।

Types of Child Custody

  1. Physical Custody – बच्चा एक माता-पिता के साथ रहता है, दूसरा visitation rights रखता है।
  2. Joint Custody – दोनों माता-पिता बच्चे की देखभाल साझा रूप से करते हैं।
  3. Legal Custody – बच्चे की शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णय लेने का अधिकार।
  4. Third-Party Custody – किसी अन्य रिश्तेदार या guardian को बच्चे की जिम्मेदारी सौंपी जाती है (rare cases)।

Legal Provisions for Child Custody in India

भारत में Child Custody के लिए कई कानून लागू होते हैं, जैसे –

  1. Hindu Minority and Guardianship Act, 1956
  2. Guardians and Wards Act, 1890
  3. Hindu Marriage Act, 1955 (Section 26)
  4. Special Marriage Act, 1954

इन कानूनों के तहत कोर्ट यह तय करता है कि बच्चे का सर्वोत्तम हित (best welfare) किसके पास रहेगा।

Factors Considered by the Court

कोर्ट निम्नलिखित बातों को ध्यान में रखकर Custody का निर्णय लेती है:

  • बच्चे की उम्र और मानसिक स्थिति
  • माता-पिता की आर्थिक स्थिति
  • बच्चे की शिक्षा और स्वास्थ्य
  • बच्चे की इच्छा (age 9+ years in some cases)
  • दोनों पक्षों का व्यवहार और जीवनशैली
  • परिवार का वातावरण और सुरक्षा

How Jaipur Legal Solution Helps

Jaipur Legal Solution की टीम Child Custody मामलों में मानवीय दृष्टिकोण अपनाती है — ताकि बच्चे का भविष्य किसी भी विवाद का शिकार न बने।

हम प्रदान करते हैं:

  • Legal Advice for Custody & Visitation Rights
  • Custody Petition Drafting & Filing
  • Joint Custody Agreements
  • Modification of Existing Custody Orders
  • NRI & Inter-State Custody Case Support

Documents Required

  • Child’s Birth Certificate
  • Marriage Certificate
  • ID Proofs (Parents)
  • Income Proofs / Salary Slips
  • School & Medical Records
  • Custody Agreement (if any)

Rights of Mother and Father

  • Mother’s Right: छोटे बच्चों (below 5 years) की Custody सामान्यतः मां को दी जाती है।
  • Father’s Right: अगर पिता बच्चे की भलाई और शिक्षा के लिए अधिक सक्षम है, तो कोर्ट Custody पिता को भी दे सकता है।
  • Visitation Rights: जिस माता-पिता को Custody नहीं मिलती, उसे बच्चे से मिलने का अधिकार होता है।

Contact Us

Jaipur Legal Solution
📍 96, Agra Road, Prem Nagar, Jaipur, Rajasthan – 302031
📞 Call: 8302628278
🌐 Visit: www.jaipurlegalsolution.com

अगर आप Child Custody या Visitation Rights के लिए Legal Help चाहते हैं, तो Jaipur Legal Solution आपकी पूरी सहायता करेगा — Petition Filing से लेकर Final Court Order तक।

FAQ – Child Custody

Q1. तलाक के बाद बच्चे की Custody किसे मिलती है?
👉 कोर्ट बच्चे की भलाई देखकर तय करता है कि Custody मां या पिता में से किसे दी जाए।

Q2. क्या पिता बच्चे की Custody ले सकता है?
👉 हाँ, अगर पिता बच्चे की देखभाल और शिक्षा के लिए बेहतर वातावरण दे सकता है।

Q3. क्या Court Visitation Rights भी देती है?
👉 हाँ, जिस पक्ष को Custody नहीं मिलती, उसे बच्चे से मिलने का अधिकार दिया जाता है।

Q4. क्या Custody Order बाद में बदला जा सकता है?
👉 हाँ, अगर परिस्थितियाँ बदल जाएँ तो Court Custody को Modify कर सकती है।

Q5. क्या NRI Parents भी Custody Case Jaipur में फाइल कर सकते हैं?
👉 हाँ, हमारी टीम NRI और Inter-jurisdiction Custody मामलों में भी सहायता प्रदान करती है।


Conclusion

बच्चा किसी भी परिवार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और भावनात्मक बंधन होता है।
अगर आप Child Custody के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तो Jaipur Legal Solution की विशेषज्ञ लीगल टीम से संपर्क करें।
हम आपके बच्चे के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हर कदम पर आपके साथ हैं।