Maintenance / Alimony – Jaipur Legal Solution

जब शादी टूटने या अलग रहने की स्थिति आती है, तो Maintenance / Alimony (भरण-पोषण) एक बहुत ही महत्वपूर्ण कानूनी अधिकार होता है।
यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक रूप से कमजोर जीवनसाथी या बच्चे को उचित आर्थिक सहायता मिले।

Jaipur Legal Solution (96, Agra Road, Prem Nagar, Jaipur, Rajasthan – 302031) में हमारे अनुभवी Family & Divorce Lawyers in Jaipur तलाक या अलगाव के मामलों में Maintenance और Alimony के लिए सही कानूनी समाधान प्रदान करते हैं।

What is Maintenance / Alimony?

Maintenance (भरण-पोषण) का मतलब है किसी व्यक्ति द्वारा अपने जीवनसाथी या बच्चों की आर्थिक देखभाल करना।
जबकि Alimony एक one-time financial settlement होता है जो तलाक के बाद दिया जाता है।

सीधे शब्दों में —
👉 Maintenance = Regular Monthly Support
👉 Alimony = Lump Sum (One-Time) Payment

Legal Provisions for Maintenance in India

भारत में Maintenance / Alimony के लिए अलग-अलग कानून मौजूद हैं:

  1. Section 125, CrPC – पत्नी, बच्चे या माता-पिता के लिए Maintenance का अधिकार।
  2. Hindu Marriage Act, 1955 (Section 24 & 25) – पति या पत्नी, दोनों में से कोई भी Maintenance मांग सकता है।
  3. Protection of Women from Domestic Violence Act, 2005 – महिलाओं को आर्थिक राहत (Monetary Relief) का प्रावधान।
  4. Special Marriage Act, 1954 – Inter-caste या Inter-religion विवाह में Maintenance अधिकार।

Who Can Claim Maintenance?

  1. Wife – अगर पत्नी के पास खुद की आय नहीं है या वह dependent है।
  2. Husband – अगर पत्नी financially strong है और पति dependent है।
  3. Children – Minor बच्चे Maintenance मांग सकते हैं।
  4. Parents – जरूरतमंद माता-पिता भी Section 125 CrPC के तहत Maintenance मांग सकते हैं।

Factors Considered by Court

कोर्ट Maintenance तय करते समय कई बिंदुओं पर विचार करता है:

  • दोनों पक्षों की आय और संपत्ति
  • जीवनशैली और जरूरतें
  • बच्चों की शिक्षा और खर्च
  • पत्नी या पति की आर्थिक स्थिति
  • शादी की अवधि और तलाक का कारण

Types of Maintenance

  1. Interim Maintenance (अंतरिम भरण-पोषण) – केस चलने के दौरान दी जाने वाली अस्थायी सहायता।
  2. Permanent Alimony (स्थायी भरण-पोषण) – तलाक के बाद एकमुश्त या नियमित राशि।

How Jaipur Legal Solution Helps

Jaipur Legal Solution में हमारी टीम Maintenance / Alimony से जुड़े हर केस को संवेदनशीलता और अनुभव के साथ संभालती है।

हमारी सेवाएँ शामिल हैं:

  • Maintenance Petition Drafting
  • Alimony Settlement Negotiation
  • Court Representation
  • Child Support & Custody Guidance
  • NRI Maintenance Cases Handling

Documents Required

  • Marriage Certificate
  • ID Proof (Aadhar, PAN, etc.)
  • Income Proof / Salary Slips / ITR
  • Property Documents (if applicable)
  • Details of Expenses / Dependents

Why Choose Jaipur Legal Solution?

  • Experienced Family & Divorce Lawyers in Jaipur
  • Transparent Legal Process & Fees
  • Fast-track Alimony Settlements
  • Support for Women, Men & NRI Clients
  • Complete Confidentiality Assured

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Jaipur Legal Solution
📍 96, Agra Road, Prem Nagar, Jaipur, Rajasthan – 302031
📞 Call: 8302628278
🌐 Visit: www.jaipurlegalsolution.com

अगर आप Maintenance या Alimony के लिए कानूनी सलाह चाहते हैं, तो आज ही Jaipur Legal Solution से संपर्क करें।
हम हर स्टेप पर आपकी मदद करेंगे – Petition Drafting से लेकर Final Decree तक।


FAQ – Maintenance / Alimony

Q1. क्या पत्नी तलाक के बाद भी Maintenance मांग सकती है?
👉 हाँ, Section 25 of Hindu Marriage Act के तहत पत्नी तलाक के बाद भी Alimony मांग सकती है।

Q2. क्या पति भी Maintenance मांग सकता है?
👉 हाँ, अगर पत्नी की आय पति से ज्यादा है तो पति भी Maintenance के लिए पात्र है।

Q3. क्या Alimony एक बार में दी जाती है या हर महीने?
👉 दोनों तरीके संभव हैं – Lump Sum (एक बार में) या Monthly Installments।

Q4. Maintenance की राशि कैसे तय होती है?
👉 कोर्ट दोनों पक्षों की आय, खर्च, और जीवनशैली देखकर न्यायपूर्ण राशि तय करता है।

Q5. क्या NRI पति/पत्नी भी Maintenance Case फाइल कर सकते हैं?
👉 हाँ, Jaipur Legal Solution NRI Divorce और Maintenance Cases को भी संभालता है।


Conclusion

Maintenance / Alimony सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं — बल्कि सम्मान और सुरक्षा का अधिकार है।
अगर आप आर्थिक रूप से संघर्ष कर रहे हैं या न्याय की तलाश में हैं, तो Jaipur Legal Solution की विशेषज्ञ टीम आपकी कानूनी मदद के लिए तैयार है।