Torture & Harassment Cases (मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के मामले)

Torture (उत्पीड़न) और Harassment (परेशानी या प्रताड़ना) ऐसे अपराध हैं जो किसी व्यक्ति की मानसिक, शारीरिक या सामाजिक स्थिति को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं।
In India, these cases are legally recognized under various sections of the Indian Penal Code (IPC) like Section 354, 354A, 354D, 498A, 509, and relevant provisions of Domestic Violence Act and POSH Act (Workplace Harassment).

Jaipur Legal Solution की experienced legal team ऐसे मामलों में पीड़ितों (victims) को legal help और justice दिलाने में विशेषज्ञ है। हम हर केस को sensitivity और confidentiality के साथ handle करते हैं।


Types of Harassment & Torture Cases (उत्पीड़न के प्रकार)

1. Domestic Torture / Harassment (घरेलू उत्पीड़न)

जब परिवार या ससुराल के सदस्य किसी महिला को मानसिक या शारीरिक रूप से प्रताड़ित करते हैं, तो ये अपराध Section 498A IPC और Domestic Violence Act, 2005 के तहत आते हैं।
We help women file complaints, protection orders, and maintenance claims through proper legal procedure.

2. Workplace Harassment (कार्यस्थल पर उत्पीड़न)

यदि किसी महिला या कर्मचारी को कार्यस्थल पर sexual comments, unwanted attention या threat का सामना करना पड़ता है, तो ये Sexual Harassment at Workplace (Prevention, Prohibition and Redressal) Act, 2013 के तहत अपराध है।
Our team assists in internal complaints committee (ICC) process and legal redressal in labour courts.

3. Mental Harassment (मानसिक उत्पीड़न)

Continuous pressure, humiliation, insult, or abusive behavior जो किसी व्यक्ति की मानसिक स्थिति को प्रभावित करे, वो mental harassment कहलाता है।
Such cases can be filed under Section 509 IPC (insulting modesty) or civil remedies for defamation and compensation.

4. Cyber Harassment (ऑनलाइन उत्पीड़न)

Online trolling, fake profiles, threatening messages, या obscene content share करना cyber harassment के अंतर्गत आता है।
हम cybercrime police और cyber cell के माध्यम से legal action लेने में मदद करते हैं।

5. Dowry-Related Torture (दहेज उत्पीड़न)

अगर विवाह के बाद दहेज की मांग पर उत्पीड़न या हिंसा की जाती है, तो ये अपराध Section 304B IPC (Dowry Death) और 498A IPC के तहत सख्त दंडनीय है।
We assist victims in filing FIR, dowry complaint, and representation before women cell & court.


Legal Remedies Available (कानूनी उपाय)

  1. FIR Registration (एफआईआर दर्ज करवाना)
    Police station में शिकायत दर्ज कराना पहला कदम होता है। हमारी team आपको सही section और procedure के साथ guide करती है।
  2. Protection Orders (सुरक्षा आदेश)
    Domestic Violence Act के तहत protection, residence, और maintenance orders प्राप्त किए जा सकते हैं।
  3. Bail & Anticipatory Bail (जमानत सहायता)
    अगर किसी पर झूठे आरोप लगाए गए हैं, तो हम anticipatory bail और regular bail process में मदद करते हैं।
  4. Court Representation (कोर्ट में पैरवी)
    हम Sessions Court, High Court और Women Cell में professional representation प्रदान करते हैं।
  5. Mediation & Settlement (समझौता प्रक्रिया)
    कुछ मामलों में समझौता (settlement) एक बेहतर समाधान होता है। हम दोनों पक्षों के बीच fair mediation में मदद करते हैं।

Why Choose Jaipur Legal Solution (क्यों चुनें Jaipur Legal Solution)

  • Experienced criminal & family lawyers for harassment and torture cases
  • Expert in 498A, Domestic Violence Act & Sexual Harassment Act
  • Confidential consultation & client privacy assurance
  • Proper documentation and evidence collection support
  • 24×7 legal assistance and fast response

हमारा उद्देश्य है कि हर पीड़ित व्यक्ति को सुरक्षा, न्याय और आत्मसम्मान वापस मिले।
Our goal is to provide justice with compassion and strong legal backing.


Areas We Serve (हम किन मामलों में सहायता करते हैं):

  • Women harassment and torture cases
  • False harassment allegations defense
  • Corporate & workplace sexual harassment
  • Domestic violence and dowry harassment
  • Cyber and social media harassment cases

Contact Us Today

अगर आप या आपका कोई परिचित harassment या torture का शिकार है, तो चुप मत रहिए।
Call us for immediate legal help – Jaipur Legal Solution | 8302628278
हम आपको सही कानूनी रास्ता दिखाएंगे और हर कदम पर साथ देंगे।


Frequently Asked Questions (FAQ)

Q1. Torture or harassment case file करने के लिए सबसे पहले क्या करना चाहिए?
सबसे पहले नजदीकी पुलिस स्टेशन या महिला थाने में शिकायत दर्ज करवाएं। हमारी legal team आपको सही sections और documentation में मदद करेगी।

Q2. अगर किसी पर झूठे harassment या 498A के आरोप लगे हों तो क्या करें?
ऐसे मामलों में anticipatory bail के लिए आवेदन करें और सही evidence collect करें। हमारी defence team आपको court में represent करेगी।

Q3. Workplace harassment case में complaint कहाँ करें?
हर company में Internal Complaints Committee (ICC) होती है। आप वहाँ complaint दे सकते हैं या POSH Act के तहत महिला आयोग में भी आवेदन कर सकते हैं।

Q4. क्या पुरुष भी harassment case file कर सकते हैं?
हाँ, mental या cyber harassment के मामलों में पुरुष भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। कानून gender-neutral protection भी देता है।

Q5. Harassment case में compensation मिल सकता है क्या?
हाँ, court compensation या maintenance का आदेश दे सकता है अगर पीड़ित को नुकसान या trauma हुआ हो।


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